कोठी क्षेत्र के रामपुरा गांव में लकवाग्रस्त बुजुर्ग महिला को खाट पर अस्पताल ले जाने का वीडियो वायरल हुआ। ग्रामीणों ने बदहाल सड़क को जिम्मेदार बताया, जबकि प्रशासन ने खबर को भ्रामक बताते हुए अपना पक्ष रखा।
सतना जिले के सितपुरा-छींदा मार्ग की हालत बद से बदतर, बारिश में दलदल और गड्ढों से ग्रामीण परेशान। ट्रक-ट्रैक्टर फंसने से जाम लगा, प्रशासन चुप। एक माह से मरम्मत की मांग अनसुनी, सड़क पर धान रोपने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई। अब ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरने का एलान किया है। जानिए पूरा मामला।
सतना जिले के ग्रामीण आज भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। चित्रकूट और त्यौंधरा जैसे गांवों में झोली में प्रसूता और कंधे पर बुजुर्गों को अस्पताल ले जाने की घटनाएं प्रशासनिक और राजनीतिक उदासीनता की पोल खोल रही हैं। वहीं सितपुरा-छींदा-बचवई मार्ग की बदहाली के विरोध में ग्रामीण सड़क पर धान रोपने का प्रदर्शन कर रहे हैं।
सतना जिले की ग्राम पंचायत बम्हौरी को 16 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सड़क निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। पीएमजीएसवाई योजना के तहत घोरकाट-बम्हौरी मार्ग सहित रामपुर क्षेत्र की कुल 72 सड़कों को मंजूरी मिली है।
















